The record
Written from the 2 reports below. Nothing here is unsourced.
- India's longest expressway, the 594-km Ganga Expressway in Uttar Pradesh, and the 63-km Lucknow-Kanpur Expressway have developed cracks, potholes and sunken stretches within months of being inaugurated.
- A BBC ground report covering 66 km of the Ganga Expressway between Unnao and Raebareli found more than 75 spots where repair work was underway or showed fresh signs of repair.
- The National Highways Authority of India took disciplinary action against the construction company of the Lucknow-Kanpur Expressway and ordered toll suspension until repairs were complete.
- UPEIDA, the state authority overseeing the Ganga Expressway, admitted that soil compaction before road construction was inadequate at some spots on the section sub-contracted to Patel Infrastructure, with the Adani Group and builders attributing the damage to unusually heavy rain.
- The quality concerns have become politically significant because the opposition Samajwadi Party is questioning the state government's claims of Uttar Pradesh becoming an 'expressway state' ahead of elections.
What to watch next
- Completion and quality of ongoing repairs on both expressways
- Whether NHAI disciplinary action and toll suspension on the Lucknow-Kanpur Expressway continue or are extended
- Further action by UPEIDA against contractors over inadequate soil compaction
What changed2
Every report on this story, newest first. Times are when each outlet published.
Who said what7
Only words found exactly in the article are shown, attributed and linked to the line they came from.
Narendra Modi
Prime Minister
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“याद करिए...एक समय यूपी की पहचान गड्ढे से होती थी, आज वही यूपी देश में सबसे ज़्यादा एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बन चुका है. ये नए बनते एक्सप्रेसवे विकसित होते भारत की हस्त रेखाएं हैं और ये आधुनिक हस्त रेखाएं भारत के उज्ज्वल भविष्य का उद्घोष कर रही हैं.”
In the article
…से जुड़ी कोई ख़बर न दिखाई दी हो. जबकि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन इसी साल 13 जुलाई को हुआ था, वहीं गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 29 अप्रैल को किया गया. उद्घाटन के वक़्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, '' याद करिए...एक समय यूपी की पहचान गड्ढे से होती थी, आज वही यूपी देश में सबसे ज़्यादा एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बन चुका है. ये नए बनते एक्सप्रेसवे विकसित होते भारत की हस्त रेखाएं हैं और ये आधुनिक हस्त रेखाएं भारत के उज्ज्वल भविष्य का उद्घोष कर रही हैं. '' लेकिन अफ़सोस कि उद्घाटन के महज़ कुछ महीनों के भीतर ही विकसित भारत की इन हस्तरेखाओं पर दरारें आ गईं. और यक़ीन मानिए इन दरारों को छुपाने या इनकी मरम्मत करने की जितनी कोशिशें की गईं, उतने ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल…
Kishore Gadda
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“ये गड़बड़ियां उन्नाव वाले पैच में ही मिलेंगी क्योंकि इस बार इलाके में बारिश की तीव्रता असामान्य थी और ऐसी बारिश शायद क़रीब 100 साल बाद हुई थी.”
In the article
…हरदोई-उन्नाव रोड लिमिटेड के प्रतिनिधि किशोर गड्डा से मुलाक़ात की. यह कंपनी अडानी एंटरप्राइज़ेज़ की ही सहायक कंपनी है. किशोर गड्डा ने एक्सप्रेसवे में आ रही गड़बड़ी के पीछे की मुख्य वजह बारिश को बताया. उन्होंने कहा, '' ये गड़बड़ियां उन्नाव वाले पैच में ही मिलेंगी क्योंकि इस बार इलाके में बारिश की तीव्रता असामान्य थी और ऐसी बारिश शायद क़रीब 100 साल बाद हुई थी. यह पैच सबसे आख़िर में बना था और इसने अब तक बारिश का मौसम नहीं देखा था इसलिए ऐसे थोड़े बहुत डैमेज सामान्य हैं. हम उनकी मरम्मत भी उतनी ही तीव्रता से कर रहे हैं. और वैसे भी एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई के मुकाबले प्रभावित…
Vinod Chauhan
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“प्रोजेक्ट क़रीब दो साल से बनकर तैयार था, लेकिन उस पर ट्रैफिक नहीं चल रहा था. इस दौरान बारिश होती रही और पानी अंदर जाता रहा. जब अचानक बारिश के समय ट्रैफिक शुरू किया गया तो कुछ जगहों पर समस्या सामने आई.”
In the article
…बाद दम क्यों तोड़ दिया? निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक ने इन समस्याओं के पीछे भी भारी बारिश को एक अहम वजह बताया है. 'लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को निशाना बनाया गया' कंपनी के नए प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद चौहान कहते हैं, '' प्रोजेक्ट क़रीब दो साल से बनकर तैयार था, लेकिन उस पर ट्रैफिक नहीं चल रहा था. इस दौरान बारिश होती रही और पानी अंदर जाता रहा. जब अचानक बारिश के समय ट्रैफिक शुरू किया गया तो कुछ जगहों पर समस्या सामने आई. पानी अंदर जाने और उसके रुकने की वजह से सड़क की नीचे की परत भी प्रभावित हुई.'' उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर समस्या आई थी, वहां मरम्मत का काम करीब एक हफ्ते से दस दिन में पूरा कर लिया गया था. इसके अलावा क़रीब 34 जगहों पर…
Keshav Prasad Maurya
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“कि बारिश में सड़कें धंसना कोई बड़ी बात नहीं. जब सड़क बनेगी तो धंसेंगी भी, धंसेगी तो बनेगी भी.”
In the article
…कर रही है, वहां के एक्सप्रेसवेस की गुणवत्ता बार-बार सवालों के घेरे में क्यों आ रही है और क्या इन सवालों को केवल ये कहके नज़रअंदाज़ किया जा सकता है, जैसा कि उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने किया - '' कि बारिश में सड़कें धंसना कोई बड़ी बात नहीं. जब सड़क बनेगी तो धंसेंगी भी, धंसेगी तो बनेगी भी. '' बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका…
Rakesh Tripathi
BJP spokesperson
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“यह प्रेस कॉन्फ़्रेंस बीजेपी के 'सेवा संकल्प अभियान' के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित की गई थी और इसमें सवाल-जवाब का सत्र रखा ही नहीं गया था.”
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…एक्स पोस्ट में पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं. बीजेपी ने क्या कहा? बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है. बीबीसी हिन्दी से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह प्रेस कॉन्फ़्रेंस बीजेपी के 'सेवा संकल्प अभियान' के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित की गई थी और इसमें सवाल-जवाब का सत्र रखा ही नहीं गया था. उनके मुताबिक़, "प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मॉडरेटर यह तय करता है कि सवाल-जवाब होंगे या नहीं." उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के जाने के बाद महिला पत्रकार ने वीडियो बनाने के उद्देश्य से इस तरह की बातें कहीं. बीजेपी…
Akhilesh Yadav
Samajwadi Party chief
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“हमारे मुख्यमंत्री जी भी कमाल के हैं. नाम बदलने वाले, प्रेस वार्ता बुलाने वाले लेकिन एकतरफ़ा रहे. सवालों के जवाब नहीं दे पाए. वो मुंह मोड़ के चले गए या यूं कहो कि मैदान छोड़कर चले गए.”
In the article
…उसे पुलिस में शिक़ायत करनी चाहिए और पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए." अखिलेश यादव और विपक्षी पार्टियों ने क्या कहा? समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, " हमारे मुख्यमंत्री जी भी कमाल के हैं. नाम बदलने वाले, प्रेस वार्ता बुलाने वाले लेकिन एकतरफ़ा रहे. सवालों के जवाब नहीं दे पाए. वो मुंह मोड़ के चले गए या यूं कहो कि मैदान छोड़कर चले गए. सोचो जो प्रेस के सवालों के जवाब ना दे पाए वो चुनाव में जनता के सवालों का जवाब कैसे देगा." आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल (एक्स) पर पोस्ट किया, "सवालों से भागने की बीजेपी की पुरानी आदत है. महिला पत्रकार…
Ajay Rai
Uttar Pradesh Congress chief
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“पत्रकार का काम सत्ता से सवाल पूछना है. सवाल पूछने पर धमकी देना लोकतंत्र का अपमान है.”
In the article
…सवालों से इतना डर क्यों लगता है?" उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा, "दिव्या जी, आप अकेली नहीं हैं. आपकी आवाज़ को दबाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ हम आपके साथ खड़े हैं. पत्रकार का काम सत्ता से सवाल पूछना है. सवाल पूछने पर धमकी देना लोकतंत्र का अपमान है. डर के आगे पत्रकारिता नहीं झुकेगी. सवाल पूछने वाली हर आवाज़ के साथ हम खड़े हैं." ऑल इंडिया महिला कांग्रेस प्रमुख अलका लांबा ने लिखा, "इस पूछताछ के डर से ही तो कोई सत्ता से सवाल करने की हिम्मत नहीं करता. देख लिया अंज़ाम.…
Why it matters3
Who is affected first and what likely follows, with a direction and a horizon. Extracted from the reports, never invented.
- Commuters and expressway users safety hazard· immediate
- Uttar Pradesh Government political scrutiny· weeks
- Media professionals intimidation· immediate
Coverage1
All filed from IndiaSingle origin
Named India · Adani Group · Divya Srivastava · IRB Infrastructure · Patel Infrastructure · PNC Infratech · Aam Aadmi Party · Ajay Rai · Akhilesh Yadav · Alka Lamba · Bharatiya Janata Party · Indian National Congress · Keshav Prasad Maurya
The 2 reports are listed beside the record.
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