Surendra Koli, an accused previously acquitted in the Nithari murder case, has died by suicide in Haridwar.

Reader brief
Through the Reader lens: Surendra Koli, a central figure in the notorious Nithari murder cases, was found dead by suicide in Haridwar, where he had been running a tea shop. Koli, who had been acquitted by the Supreme Court of India in November 2025 regarding the remaining Nithari cases, was identified by police through his ID found at the scene. Authorities have initiated an investigation into the circumstances surrounding his death.
What to watch next
- Police investigation into the circumstances of the suicide.
- Verification of the deceased's identity via formal records.
What was said3
Attributed, verbatim. Every quote is checked against the article it came from. One that does not match is not shown.
Paras Nath Singh
1 quote“इस केस में कोई परिस्थितिजन्य साक्ष्य नहीं थे. इसलिए कोली के जो भी क़बूलनामे सीबीआई ने दर्ज किए थे, उन्हें कोर्ट ने भरोसे के लायक नहीं माना. क़ानून के मुताबिक़ कबूलनामा ख़ुद से किया हुआ होना चाहिए, किसी डर या दबाव में नहीं.”
In the article
…हुए. कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि जाँच ख़राब तरीक़े से की गई है और "सबूत इकठ्ठा करने के बुनियादी मानदंडों का खुलेआम उल्लंघन किया गया है." कोर्ट का फ़ैसला और सवाल कोर्ट के इस फ़ैसले पर वकील पारस नाथ सिंह ने कहा था, '' इस केस में कोई परिस्थितिजन्य साक्ष्य नहीं थे. इसलिए कोली के जो भी क़बूलनामे सीबीआई ने दर्ज किए थे, उन्हें कोर्ट ने भरोसे के लायक नहीं माना. क़ानून के मुताबिक़ कबूलनामा ख़ुद से किया हुआ होना चाहिए, किसी डर या दबाव में नहीं. '' 308 पन्ने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले की कॉपी के पेज नंबर 47 पर लिखा है, "कोली 60 दिनों तक पुलिस कस्टडी में रहे लेकिन इन 60 दिनों में कभी भी उनकी मेडिकल जाँच नहीं हुई, जिससे शारीरिक प्रताड़ना जैसी संभावनाओं पर…
B.R. Gavai
1 quote“जिन सबूतों को कोर्ट ने अपर्याप्त और अविश्वसनीय बताकर कोली को पहले ही 12 मामलों में बरी कर दिया था. उन्हीं सबूतों के आधार पर एक मामले में उसे दोषी बनाए रखना संवैधानिक रूप से सही नहीं है.”
In the article
…आख़िर में केवल कोली का कबूलनामा ही इकलौता आधार रह गया, जिसकी विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में थी. 11 नवंबर, 2025 को कोली के ख़िलाफ़ लंबित आख़िरी मामले में फ़ैसला सुनाते हुए सीजेआई बीआर गवई की बेंच ने कहा था, " जिन सबूतों को कोर्ट ने अपर्याप्त और अविश्वसनीय बताकर कोली को पहले ही 12 मामलों में बरी कर दिया था. उन्हीं सबूतों के आधार पर एक मामले में उसे दोषी बनाए रखना संवैधानिक रूप से सही नहीं है. " कोर्ट ने माना कि निठारी में जो अपराध हुए वो बहुत डरावने थे और जिन परिवारों ने अपने बच्चे खोए, उनकी तकलीफ़ शब्दों में नहीं बयां की जा सकती. लेकिन इतनी लंबी जाँच के बाद भी असल अपराधी कौन है, यह पक्के सबूतों के साथ साबित…
Kundan Singh Rana
1 quote“सुबह करीब 11:30 बजे इस संबंध में कॉल मिली थी.”
In the article
…कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी. सुरेंद्र कोली निठारी कांड के मामलों में आरोपी था और हाल ही में इन मामलों में बरी किया गया था. पुलिस अब उसकी मौत से जुड़े हालात की जांच कर रही है. SHO कुंदन सिंह राणा ने आजतक को बताया कि सुबह करीब 11:30 बजे इस संबंध में कॉल मिली थी. इसके बाद जब मृतक की ID चेक की गई तो पता चला कि उसने अपना नाम सुरेंद्र कोली बताया था. SHO के मुताबिक, मृतक के पास से मिली ID निठारी वाले सुरेंद्र कोली से मिलती है. उन्होंने बताया कि व्यक्ति ने रस्सी को ऊपर से बांधकर…
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Sources7
- [1]Aaj Takneutralनिठारीकांड, गिरफ्तारी, सजा, बरी और अब खुदकुशी... सुरेंद्र कोली की पूरी कहानी
- [2]Aaj Takneutralनिठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र ने हरिद्वार में किया सुसाइड
- [3]Aaj Takneutralफंदे पर लटका मिला निठारी कांड का आरोपी सुरेंद्र कोली, पुलिस ने क्या बताया?
- [4]BBC News Hindineutralनिठारी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी सुरिंदर कोली की मौत
- [5]Aaj Takneutral'ID से पहचान, आत्महत्या करने वाला शख्स सुरेंद्र कोली', आजतक पर SHO ने बताया
- [6]Aaj Takneutralनिठारी कांड: सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, हरिद्वार में चाय की दुकान में लगाई फांसी
- [7]Aaj Takneutralनिठारी कांड में बरी हुए सुरेंद्र कोली ने की आत्महत्या, हरिद्वार में चाय की दुकान में लगाई फांसी