The record
Written from the 1 report below. Nothing here is unsourced.
- Farmers in Maharashtra are plowing over or abandoning their drought-stricken soybean, cotton, and moong crops.
- A lack of rainfall for over 30 days in 86 talukas has severely impacted agricultural production across 20 districts.
- The state government has ordered a survey of the crop damage to begin in early October to assess the need for financial aid.
- The water crisis is escalating, with some regions now requiring water tanker deliveries for basic consumption.
What to watch next
- The survey of crop damage starting October 5th.
- Potential declaration of drought in affected districts.
- Government decisions on financial assistance for farmers.
Who said what3
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Mauli Kadam
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“बारिश नहीं होने से हमारी पूरी सोयाबीन की फ़सल सूख गई है. इसमें एक भी फ़ली नहीं लगी है और अब फ़ली आने की उम्मीद भी नहीं है. इसलिए हम इस पर ट्रैक्टर चला रहे हैं.”
In the article
…सोयाबीन की फ़सल पर किसान ने क्यों चलाया ट्रैक्टर, एक ने कहा- खेत में पांव रखने का भी मन नहीं " बारिश नहीं होने से हमारी पूरी सोयाबीन की फ़सल सूख गई है. इसमें एक भी फ़ली नहीं लगी है और अब फ़ली आने की उम्मीद भी नहीं है. इसलिए हम इस पर ट्रैक्टर चला रहे हैं. " महाराष्ट्र में बीड ज़िले के सांडस चिंचोली इलाक़े के किसान मौली कदम ने 13 सितंबर को 3 एकड़ में लगी सोयाबीन की फ़सल पर ट्रैक्टर चला दिया. राज्य के 20 ज़िलों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो गई है. 86 तालुकों में 30 दिनों से…
Laxman Gore
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“जून में थोड़ी बारिश हुई थी, उसी के भरोसे हमने बुआई कर दी. लेकिन हमें कुछ नहीं मिला. हमने गेहूं और जौ लगाए थे, लेकिन अब चिंता हो रही है, क्योंकि पीने के लिए भी पानी नहीं है और पूरा खेत घास-फूस से भर गया है.”
In the article
…लगी हैं, जबकि कुछ जगहों पर फ़सलें ख़राब होने लगी हैं. बीड जैसी ही स्थिति छत्रपति संभाजीनगर में भी है. यहां पैठण तालुका के राहतगांव में हमारी मुलाक़ात किसान लक्ष्मण गोरे से हुई. कपास के खेत में खड़े होकर उन्होंने कहा, " जून में थोड़ी बारिश हुई थी, उसी के भरोसे हमने बुआई कर दी. लेकिन हमें कुछ नहीं मिला. हमने गेहूं और जौ लगाए थे, लेकिन अब चिंता हो रही है, क्योंकि पीने के लिए भी पानी नहीं है और पूरा खेत घास-फूस से भर गया है. " लक्ष्मण ने आगे कहा, "मूंग चली गई, कपास चली गई. सोयाबीन चली गई. अब हमारे लिए बचा ही क्या है? अब सिर्फ़ मज़दूरी करने का ही रास्ता बचा है." फ़सल को पशुओं के खाने के लिए छोड़ दिया लक्ष्मण के खेतों से गुज़रते हुए हमें अरहर,…
Vasant Jadhav
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“मेरे खेत में कुछ संतरे के पेड़ हैं. लेकिन इस साल संतरे के लिए पानी नहीं है. संतरे गिर रहे हैं. कुएँ में पहले पानी रहता था, लेकिन अब वह भी सूख गया है.”
In the article
…फ़ली नहीं लगी थी. इसलिए यहां के किसान ने हमें बताया कि अब तक इस खेत में जो फ़सल उगी थी, उसे पशुओं के खाने के लिए छोड़ दिया गया है. पैठण तालुका में हमारी मुलाक़ात डावरवाड़ी गांव के किसान वसंत जाधव से हुई. उन्होंने कहा, " मेरे खेत में कुछ संतरे के पेड़ हैं. लेकिन इस साल संतरे के लिए पानी नहीं है. संतरे गिर रहे हैं. कुएँ में पहले पानी रहता था, लेकिन अब वह भी सूख गया है. " पाचोद के सोयाबीन किसान अंकुश नेमाने ने देखा है कि उनके खेत में 9 एकड़ सोयाबीन की फ़सल अब पीली पड़ने लगी है. अंकुश नेमाने ने कहा, "अब यह सोयाबीन की फ़सल खाने के काम भी नहीं आएगी. दाने का क्या होगा? अब इसे सीधे चारे में…
Coverage1
All filed from India
Named India · Ankush Nemane · Beed · Chhatrapati Sambhajinagar · Laxman Gore · Marathwada · Mauli Kadam · Vasant Jadhav · BBC · Chandrashekhar Bawankule · Devendra Fadnavis · Maharashtra government · Sunil Wankhede
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