The record
Written from the 1 report below. Nothing here is unsourced.
- Farmers in Saharanpur are replacing unreliable electricity and expensive diesel for irrigation with solar pumps provided under the government's PM Kusum Yojana.
- These systems allow farmers to irrigate their fields during the day, eliminating the need for overnight work and dependence on grid power.
- The shift has enabled more consistent crop cycles, reduced costs, and expanded farming options for local landowners.
What to watch next
- Potential expansion of the PM Kusum Yojana to more farmers
- Continued impact of solar irrigation on local agricultural productivity
Who said what3
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Rishi Pal Singh
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“अब सुबह करीब 8 बजे से शाम 5 से 5.30 बजे तक सूरज की रोशनी में पंप चलता है. इससे उन्हें रात में सिंचाई के लिए खेत पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती.”
In the article
…थे. खेत पहुंचने तक बिजली फिर चली जाती थी. ऋषि पाल सिंह ने बताया कि पिछले साल उन्हें पीएम कुसुम योजना के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने आवेदन किया. सरकारी सब्सिडी के बाद उनके खेत में 7.5 किलोवाट का सोलर पंप लगाया गया. अब सुबह करीब 8 बजे से शाम 5 से 5.30 बजे तक सूरज की रोशनी में पंप चलता है. इससे उन्हें रात में सिंचाई के लिए खेत पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती. किसान बोले-समय पर पानी मिलने से बढ़ी खेती ऋषि पाल सिंह के पास करीब 15 से 16 बीघा जमीन है. वह गन्ना, गेहूं, धान और सब्जियों की खेती करते हैं. इसके अलावा पॉपलर की नर्सरी भी लगाते हैं. उनका कहना है कि सोलर पंप से समय पर…
Amit Kumar
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“अब सोलर पंप लगने के बाद करीब 40 बीघा जमीन की सिंचाई एक हफ्ते में हो जाती है. रोज करीब 5 बीघा खेत में आसानी से पानी लगाया जा सकता है.”
In the article
…सोलर पंप लगा था. वह बताते हैं कि गर्मियों में पानी की समस्या इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने गन्ने की खेती तक छोड़ दी थी. ट्रैक्टर से पानी देने में खर्च ज्यादा आता था. वहीं रजबहा में भी कई बार गर्मियों में पानी नहीं आता था. अब सोलर पंप लगने के बाद करीब 40 बीघा जमीन की सिंचाई एक हफ्ते में हो जाती है. रोज करीब 5 बीघा खेत में आसानी से पानी लगाया जा सकता है. अब उन्हें रात में बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ता. सुबह खेत पर आते हैं और दिन में ही सिंचाई पूरी कर लेते हैं. 'बिजली की लाइन नहीं थी, फिर भी खेतों में पहुंचा पानी' सावनपुर नवादा गांव के किसान गौरव धैया के परिवार ने…
Mahesh Dhaiya
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“गर्मियों में आंधी और तूफान के कारण बिजली की लाइन खराब हो जाती थी. पेड़ गिरने या ट्रांसफॉर्मर खराब होने से कई दिन तक बिजली बंद रहती थी. सोलर पंप में ऐसी परेशानियां कम होती हैं.”
In the article
…काफी उपयोगी मानते हैं. उनका कहना है कि इससे बिजली पर निर्भरता कम होती है. किसान अपनी जरूरत के हिसाब से दिन में खेत की सिंचाई कर सकता है. पाइपलाइन होने से पानी को खेत तक पहुंचाना भी आसान हो जाता है. महेश का कहना है कि गर्मियों में आंधी और तूफान के कारण बिजली की लाइन खराब हो जाती थी. पेड़ गिरने या ट्रांसफॉर्मर खराब होने से कई दिन तक बिजली बंद रहती थी. सोलर पंप में ऐसी परेशानियां कम होती हैं. उनका कहना है कि सरकार को इस योजना को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाना चाहिए. किसानों के लिए पानी, खेती और बेहतर कमाई का जरिया बना सोलर पैनल सहारनपुर के इन किसानों की कहानी बताती है कि सोलर पंप सिर्फ बिजली का विकल्प…
Coverage1
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Named India · Saharanpur · Amit Kumar · Arvind Kumar Dhaiya · Gaurav Dhaiya · Mahesh Dhaiya · PM Kusum Yojana · Rishi Pal Singh
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